संदेश

पेड़ कटाई चल रही है विकास के कारण और पेड़ लगाएं जां रहे हैं।  जिनसे न तो छांव मिले न फल।  अब फल सिर्फ़ मण्डी में मिलते हैं जिनके भाव आसमान में मिलते हैं कोई पेड़ खुदा न खास्ता बढ़ ही गया तो बिजली वाले तलवारबाजी दिखा जाते हैं।

about Indore: चोराया

about Indore: चोराया : बस अब गर्मी ख़तम और पानी की सारी बातें भी ख़तम . अब पानी बचाओ आन्दोलन की फाइल अगले साल मार्च में खोली जाएगी टेन्कर वाले अपनी चार महीने की च...

पानी

पानी पानी रे , तेरी माया अभी कुछ दिन पहले तक तरस रहे थे हलक सूख रहे थे अब बह रहे हैं अरे बर्तन भांडे तक बह रहे हैं ये बड़ी कॉलोनियों का पानी यहीं घुस आता है निकालते निकलते मुश्किल हो जाती है दिन तो ठीक है बहार इधर उधर बैठ बाठ लेते हैं रात में समझ नहीं अत किधर बिस्तर लगायें सुना है बड़े लोग बड़े प्लान बना रहे हैं की सारी नदियों को नहरों से जोड़ देंगे फिर सारा बारिश का पानी इकठ्ठा कर लेंगे . अच्छी प्लानिंग है भाई , जरा हमारी कालोनी की साइड भी एकाध छोटी मोटी 

राज़ की बात

कड़क टिक्कड़ मक्खन लगा के विदेशी माहौल और विदेशी नाम से 160 रुपये में भी बेच सकते हैं . आलू की टिकिया डबलरोटी के बीच फंसा के 40 रुपये में भी सस्ती है . आखिर कोका कोला और ठुम्प्स उप वाले ये क्यों नहीं बताते की आखिर वो पानी से भी सस्ती चीज लाते कहाँ से हैं। और हमें तो सिर्फ इतना ही पता चल पाता है की कभी कभी इनमे झींगुर भी   डलता है बाकि क्या कितना डालता है ये नहीं बताया जाता .  अपने तो समोसे बीस रुपये में दो भी बड़े महंगे पड़ते है  कोई ज्ञानी मेरी मंदमति पर कृपया  थोडा प्रकाश डाले  .

Kuch to gadbad hai…

                                Inspired by CID (special) अभिजीत संभाल के (अभी तुम बच्चे हो) दया तोड़ दो दरवाज़ा (सर्च वारन्त का कानून ख़तम हो गया है)( मुझसे तो नहीं टूटेगा) ज़हर (विदेश ब्राज़ील या अफ्रीका के जंगलों से) आत्मा वतमा का चक्कर गोल गोल घूम के फिर फिर आ जाता है  गन किसने चलायी ? मर्डर किसने किया ? सालुंखे  एक झुमका पड़ा मिला है मर्डर स्पोट पर . मुंबई की 137000 दुकानों पर जाकर पता करो ये किसने ख़रीदा है। जल्दी करो जल्दी .

kali billi

बिल्ली आम आदमी का रास्ता क्यों कटती है. पहले तो अपन सोचते थे के बिल्ली की वजह से पंचायत कड़ी होती है लेकिन बाद में समझ उजली के बिल्ली अपन को सिर्फ सावधान करती है के बेटे घर को निकल ले आज पंचायत फंसेगी .
आजकल कोर्ट  बाजी  बहुत चल रही  है. और कोर्ट बाजी मीडिया में बहुत फैसन में है . अपन को तो ये समझ नहीं आता की मीडिया को घटना के पहले ही कैसे पता चल जाता है की क्या होने वाला है और कौन मुजरिम है . कोर्ट को बाद में समझ आती है अपन को मीडिया पहले बता देते हैं बड़ी पंचायत हो गयी है . नहीं नहीं वो वाली नहीं सुप्रीम कोर्ट बड़ी पंचायत हो गयी है रोज की . सुबह उठो टीवी खोलो एक न एक पंचायत चालू मिलेगी *&^*&समझ नहीं आता के क्या करें आज राम है कल बलराम और परसों वही आदमी हराम हो जात...