HINDUSTAN KA AAM ADMI APNI BHASHA ME BOLTA HAI. USKE APNE PROBLEMS HAIN. USKA APNA TARIQA HAI ZINDAGI JEENE KA. USKE APNE SAWAL HAIN , USKE APNE JAWAB HAIN. YE KUCH ALAG YATRA HAI.
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पेड़ कटाई चल रही है विकास के कारण और पेड़ लगाएं जां रहे हैं। जिनसे न तो छांव मिले न फल। अब फल सिर्फ़ मण्डी में मिलते हैं जिनके भाव आसमान में मिलते हैं
कोई पेड़ खुदा
न खास्ता बढ़ ही गया तो बिजली वाले तलवारबाजी दिखा जाते हैं।
उसे ढूंढो जिसने ये वर्ड निकाला है. ये वर्ड में ही गड़बड़ है. लेफ्ट से चलो या राईट से, दोनों तरफ से इसमें बीच में गाँठ पड़ती ही है. गलती किसी की नहीं है , गलती इस वर्ड की है . लोग बेकार में बाहर के तत्वों की एनालेसिस करते फिर रहे हैं. अरे, महागठबन्धन की सीधी हिन्दी करो तो सही, इसका मतलब ही हैः बहुत बड़ी गठान सबसे पहले ये पता किया जाय कि इतना गठिया वर्ड ढूँढा किसने और किसलिए , लगता है इसका शुभमुहूर्त ठीक नहीं था.
बच्चे कम्प्यूटर प्रोसेसिंग यूनिट की तरह नहीं बल्कि सामने रखे आईने की तरह होते हैं। जो आप आदेश देते हैं उन्हे वो प्रोसेस नहीं करते । जो आप उन्हें दिखते हैं वही करते है। ये आईना है तुम्हारे करम का , हर भरम का । अगर आप किसी चीज को करने से रोकते है जो आप खुद करते हैं तो वो इसे नहीं करेंगे (सिर्फ आपके सामने )। (ये छिपा कर करना भी आप से ही सीखा है) हम सिखाने में इतनी रुचि लेते हैं कि बच्चों को लगभग मूर्ख ही मानने लगते हैं । हम ये पूरी तरह भूल जाते हैं कि ये हमारी ही योनि में जन्मा है। ये स्वभाव से ही उन्नत मानस है । उसे एक बेजान कम्प्यूटर की तरह नहीं आदेशित किया जा सकता । हम उसे भय सिखाते हैं , अक्षमता सिखाते हैं । पोलिसवाला पकड़ ले जायगा । बाहर भूत है। चॉकलेट खाने से पेट खराब हो जायेगा। इतनी मस्ती करेगा तो दाँत टूट जायेंगे । मम्मी की बात नहीं सुनेगा तो भगवान पनिशमेन्ट देगा। माँ तुम झूठ बोलती हो। पापा आप बहुत गन्दे हो। ये आप की किसी भी बात का, आदेश का , झल्लाहट का, फुसलाहट का कई तरह से अन्वेषण कर सकता है। तो हमें अपनी बाल वाक मञ्जूषा का अधिहरण करना होगा। क्यों कैसा लगा ...
कभी सुबह सुबह भजन माइक पर सारे मोहल्ले का मुफ्त अलारम . कभी सरे रात रतजगा. प्रसादी के चक्कर में हम भी घूम आते हैं . घंटी नहीं हो गयी बच्चो का खिलौना हो जैसे , बेटे तू भी बजा . गोदी में आजा अब बजा जोर के . अलग अलग लोग अलग अलग घंटी. कुछ ऐसे होते हैं कि जैसे भगवन कम सुनते हैं. दनादन बजायेंगे . भगवन तो ठीक आसपास के कुत्ते भी सकपकिया जाते हैं. कुछ एक बार टिन तो कोई तीन तक गिनते हैं. कोई अपना संगीत का हुनर दिखाना चाहते हैं. ताल और लय का पाठ पढ़ा देते हैं. बड़े बड़े सौदे हो जाते हैं. भगवन मेरी ज़मीन का मामला निपटा दो बस मैं सोने का मुकुट बनवा दूंगा. मेरी प्रोमोशन रुक गयी है. मेरी कुर्सी बड़ी कर दे चार कुर्सियां यहाँ लगवा दूंगा. कतल में मेरी सजा कम करवा दो गुम्बद सोने का बनवा दूंगा. औरते अपना अलग इमोशनल सीन बनाती हैं. भगवान दूध छोड़ दिया है , सफ़ेद चीज़ खाना छोड़ दिया है. पीला पहनना छोड़ दिया है. सोलह सोमवार कर रही हूँ, ग्यारह बुधवार कर रही हूँ. बस गुडिया कि शादी अच्छी जगह करवा दो. इनकी शराब कि आदत छुड़वा दो , उस कलमुही से दूर करवा दो. हमारा घर बनवा दो. कार छोटी पड़ती है . बच्चे बड़े हो गए हैं ...
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