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आलू की टिकिया लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

महागठबन्धन

उसे  ढूंढो जिसने ये वर्ड निकाला है.  ये वर्ड में ही गड़बड़ है. लेफ्ट से चलो या राईट से, दोनों तरफ से इसमें बीच में गाँठ पड़ती ही है.  गलती किसी की नहीं है , गलती इस वर्ड की है . लोग बेकार  में बाहर के तत्वों की एनालेसिस करते फिर रहे हैं.  अरे, महागठबन्धन की सीधी हिन्दी करो तो सही,  इसका मतलब ही हैः बहुत बड़ी गठान सबसे पहले ये पता किया जाय कि इतना गठिया वर्ड ढूँढा किसने और किसलिए , लगता है इसका शुभमुहूर्त ठीक नहीं था.

राज़ की बात

कड़क टिक्कड़ मक्खन लगा के विदेशी माहौल और विदेशी नाम से 160 रुपये में भी बेच सकते हैं . आलू की टिकिया डबलरोटी के बीच फंसा के 40 रुपये में भी सस्ती है . आखिर कोका कोला और ठुम्प्स उप वाले ये क्यों नहीं बताते की आखिर वो पानी से भी सस्ती चीज लाते कहाँ से हैं। और हमें तो सिर्फ इतना ही पता चल पाता है की कभी कभी इनमे झींगुर भी   डलता है बाकि क्या कितना डालता है ये नहीं बताया जाता .  अपने तो समोसे बीस रुपये में दो भी बड़े महंगे पड़ते है  कोई ज्ञानी मेरी मंदमति पर कृपया  थोडा प्रकाश डाले  .