HINDUSTAN KA AAM ADMI APNI BHASHA ME BOLTA HAI. USKE APNE PROBLEMS HAIN. USKA APNA TARIQA HAI ZINDAGI JEENE KA. USKE APNE SAWAL HAIN , USKE APNE JAWAB HAIN. YE KUCH ALAG YATRA HAI.
kali billi
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बिल्ली आम आदमी का रास्ता क्यों कटती है. पहले तो अपन सोचते थे के बिल्ली की वजह से पंचायत कड़ी होती है लेकिन बाद में समझ उजली के बिल्ली अपन को सिर्फ सावधान करती है के बेटे घर को निकल ले आज पंचायत फंसेगी .
उसे ढूंढो जिसने ये वर्ड निकाला है. ये वर्ड में ही गड़बड़ है. लेफ्ट से चलो या राईट से, दोनों तरफ से इसमें बीच में गाँठ पड़ती ही है. गलती किसी की नहीं है , गलती इस वर्ड की है . लोग बेकार में बाहर के तत्वों की एनालेसिस करते फिर रहे हैं. अरे, महागठबन्धन की सीधी हिन्दी करो तो सही, इसका मतलब ही हैः बहुत बड़ी गठान सबसे पहले ये पता किया जाय कि इतना गठिया वर्ड ढूँढा किसने और किसलिए , लगता है इसका शुभमुहूर्त ठीक नहीं था.
कभी सुबह सुबह भजन माइक पर सारे मोहल्ले का मुफ्त अलारम . कभी सरे रात रतजगा. प्रसादी के चक्कर में हम भी घूम आते हैं . घंटी नहीं हो गयी बच्चो का खिलौना हो जैसे , बेटे तू भी बजा . गोदी में आजा अब बजा जोर के . अलग अलग लोग अलग अलग घंटी. कुछ ऐसे होते हैं कि जैसे भगवन कम सुनते हैं. दनादन बजायेंगे . भगवन तो ठीक आसपास के कुत्ते भी सकपकिया जाते हैं. कुछ एक बार टिन तो कोई तीन तक गिनते हैं. कोई अपना संगीत का हुनर दिखाना चाहते हैं. ताल और लय का पाठ पढ़ा देते हैं. बड़े बड़े सौदे हो जाते हैं. भगवन मेरी ज़मीन का मामला निपटा दो बस मैं सोने का मुकुट बनवा दूंगा. मेरी प्रोमोशन रुक गयी है. मेरी कुर्सी बड़ी कर दे चार कुर्सियां यहाँ लगवा दूंगा. कतल में मेरी सजा कम करवा दो गुम्बद सोने का बनवा दूंगा. औरते अपना अलग इमोशनल सीन बनाती हैं. भगवान दूध छोड़ दिया है , सफ़ेद चीज़ खाना छोड़ दिया है. पीला पहनना छोड़ दिया है. सोलह सोमवार कर रही हूँ, ग्यारह बुधवार कर रही हूँ. बस गुडिया कि शादी अच्छी जगह करवा दो. इनकी शराब कि आदत छुड़वा दो , उस कलमुही से दूर करवा दो. हमारा घर बनवा दो. कार छोटी पड़ती है . बच्चे बड़े हो गए हैं ...
साक्षरता मिशन के सम्मलेन में चीफ गेस्ट ने कांफुजियाया अपने साथ आये दोस्त से . इस मिशन से एक बड़ा नुकसान हो रहा है भाई , साक्षरता के नाम पर सभी को बस अपना नाम लिखना पढना सिखा देते हैं. और उसके बाद साहूकार लोग अब कागज़ पर दस्तखत करवा लेते हैं. कोई कोरतबाज़ी हुई तो साहूकार साक्षरता का certificate पकड़ा देते हैं. बेचारा ये भी नहीं कह सकता कि वो अनपढ़ है. कागज़ में क्या लिखा है उसे नहीं पता साक्षरता का certificate जो है उसके पास.
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